5000 कक्ष निरीक्षक कराएंगे यूपी बोर्ड परीक्षाएं

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मथुरा। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को सकुशल संपन्न कराने के लिए इस बार जनपद में लगभग 5000 कक्ष निरीक्षकों की आवश्यकता होगी। कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाने के लिए डीआईओएस द्वारा जनपद के सभी माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों से स्टाफ स्टेटमेंट मांगा गया है। हालांकि वित्तविहीन विद्यालयों द्वारा स्टाफ स्टेटमेंट दिए जाने वाले में लापरवाही बरती जा रही है। ऐसे विद्यालयों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी में आरंभ हो रही हैं। इसके लिए परीक्षा केंद्रों का भी निर्धारण हो चुका है। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों का भी आवंटन हो चुका है। अब डीआईओएस कार्यालय द्वारा उक्त परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक और केंद्र व्यवस्थापकों की ड्यूटी लगाने का कार्य चल रहा है। इस बार परीक्षाओं को संपन्न कराने के लिए करीब 5000 कक्ष निरीक्षकों की आवश्यकता होगी। इसके लिए जनपद के सभी एडेड, वित्तविहीन और राजकीय विद्यालयों से एक निर्धारित प्रपत्र पर उनके यहां कार्यरत स्टाफ की सूचना मांगी गई है। लेकिन जनपद के करीब डेढ़ सैकड़ा विद्यालयों द्वारा स्टाफ स्टेटमेंट सहित अन्य जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। इससे डीआईओएस कार्यालय के समक्ष परीक्षा संबंधी तैयारियां करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डीआईओएस केपी सिंह ने बताया कि सूचना देने में आनाकानी कर रहे विद्यालयों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। यदि अब भी उन्होंने जानकारियां देने में हीला हवाली बरती तो उनके खिलाफ उचित विभागीय कार्यवाही की जाएगी।

कक्ष निरीक्षक के रुप में बेसिक के शिक्षकों की भी लगेगी ड्यूटी
जनपद के माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के पास इतना स्टाफ नहीं है जितना परीक्षाओं को संपन्न कराने के लिए चाहिए। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग के भी शिक्षक और शिक्षामित्रों की भी मदद ली जाएगी। इसके लिए डीआईओएस ने आला प्रशासनिक अधिकारियों सहित बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी कक्ष निरीक्षक के लिए शिक्षकों की मांग की है।