मथुरा: एसडीएम, सीओ, तहसीलदार सहित एक दर्जन के खिलाफ लूट का मुकद्मा दर्ज का आदेश

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मथुरा। राजनैतिक एवं माफियाओं के हाथों की कठपुतली बनकर मनमानी करीके से दुकानों को ध्वस्त कर सामान लूटने के मामले में एसडीएम, तहसीलदार, सीओ सहित एक दर्जन लोगों के खिलाफ न्यायालय ने मुकद्मा दर्ज कर विवेचना के आदेश दिये हैं। जिससे प्रशासन में हड़कम्प मच गया है।

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प्राप्त विवरण के अनुसार कस्बा सुरीर बिजऊ निवासी गुलशन कुमार गुप्ता पुत्र कान्ती कुमार 17 नवम्बर 2017 को अपनी बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर परिवार के साथ बैठे हुए थे कि तभी तत्कालीन एसडीएम मांट वरून कुमार पाण्डेय (वर्तमान छाता) तहसीदार मांट राकेश सौनी (वर्तमान छाता) क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार (वर्तमान रिफाइनरी) ग्राम प्रधान मुरारीलाल, पूर्व प्रधान योगेश शर्मा, मोहन श्याम शर्मा तथा गांव के देवेन्द्र, अजीत, किशन, महमूद आदि 4-5 पुलिस कर्मियों के जेसीबी मशीन को लेकर पहुंचे और बगैर कोई आदेश या कानूनी नोटिस दिये तोड़-फोड़ शुरू कर दी। जब इसका विरोध किया तो पूर्व प्रधान योगेश ने हवाई फायर कर दहशत फैला दी। इसके बाद दुकानों में रखे 50 बोरा सीमेन्ट सहित ईंट, बदरफुट सहित 4 लाख की सामग्री लूटपाट कर ट्रैक्टर, ट्राली में भरकर ले गये। इसकी शिकायत पीड़ित ने शासन-प्रशासन से की लेकिन कोई कार्यवाही ना होने पर पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिये मथुरा न्यायालय में शरण ली लेकिन न्यायालय ने 156 (3) की स्थान पर कम्प्लेन्ट केस दर्ज किया तो पीड़ित ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली जिसमें उच्च न्यायालय ने मथुरा न्यायालय को पीड़ित की याचिका पर गंभीरता से निस्तारण के आदेश दिये।

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उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) संजय यादव ने मामले की सुनवाई करते हुए एसडीएम वरूण कुमार पाण्डेय, सीओ राकेश कुमार, तहसीलदार राकेश सौनी सहित एक दर्जन लोगों के विरूद्ध थाना सुरीर पुलिस को 4 लाख की लूट, तोड़फोड़, जान से मारने सहित अन्य संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना के निर्देश दिये हैं। पीड़ित गुलशन कुमार गुप्ता ने बताया कि 2012 में भी प्रशासन ने राजनैतिक एवं माफियाओं के इशारे पर तोड़फोड़ कर सामान लूट ले गये थे। श्री गुप्ता के अनुसार उनके बड़े भाई 2005 में ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए थे। जिसमें पराजित योगेश शर्मा एवं मोहनश्याम शर्मा चुनावी रंजिश मानते आ रहे हैं। जिसके कारण उनकी जमीन को विवादित दर्शाकर कब्जे का प्रयास करते हैं। जबकि वह न्यायालय से भी जीत दर्ज कर चुके हैं। लेकिन भू-माफिया, राजनैतिक-प्रशासनिक गठजोड़ उनकी कीमती जमीन पर कब्जा करने के लिये प्रयासरत हैं। जिसमें न्यायालय से मुकद्मा दर्ज के आदेश दिये हैं।