फिर विवादों के कटघरे में कल्याणं करोति

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मथुरा। विकलांगों की सेवा का दावा करने वाली तथा-कथित समाजसेवी संस्था कल्याणं करोति एक बार फिर विवादों के घेरे में है। संस्थान की शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्राओं ने शरीरिक, आर्थिक, मानसिक शोषण का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
जनपद में विकलांगों की सेवा का दावा करने वाली सामाजिक संस्था कल्याणं करोति संस्थान मसानी में सहायक अध्यापिका प्रवीणा कुमारी पुत्री प्रेम सिंह ने अपने साथी शिक्षक- शिक्षिकाओं, छात्रों के साथ जिलाधिकारी एसएसपी को दिये पत्र में आरोप लगाया है कि वह 2 साल 4 माह तक संस्थान में सहायक शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। जहां संस्थान के प्रचार्य जितेन्द्र यादव छात्राओं एवं महिला स्टाफ का शारीरिक, मानसिक, आर्थिक शोषण करता रहा है। जिसकी शिकायत संस्थान के सचिव सुनील शर्मा को कई बार की गई लेकिन उनके द्वारा शिकायतों को दबाया गया और कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिससे प्रतीत होता है वो इस प्रकार के कार्यों में लिप्त हैं। कोई भी छात्रा उसका विरोध नहीं कर पाती क्योंकि उन्हें परीक्षा में फेल करने की धमकी देकर चुप रहने पर मजबूर कर किया जाता है। जबकि स्टाफ को नौकरी से निकालने का भय दिखाकर खामोश रहने पर मजबूर कर दिया जाता है। जब इसका विरोध किया गया तो उसे संस्थान से बाहर कर दिया गया। पीड़िता ने संस्थान की गतविधियों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
इससे पूर्व भी संस्थान में अध्यनरत छात्रा बृजेश पुत्री राजबहादुर सिंह के पति से जितेन्द्र यादव एवं अन्य द्वारा बन्धक बनाकर मारपीट की गई जिसे गोविन्द नगर पुलिस ने मुक्त कराकर थाने में बन्द करा दिया। जिसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। बाद में समझौते के बाद थाने से छोड़ा गया। इसकी शिकायतें पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से की। कोई कार्यवाही ना होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। जो आज भी लम्बित बताया जाता है। इसी तरह गेटकीपर विष्णु के साथ मारपीट कर संस्थान से बाहर का रास्ता दिखा दिया। जबकि महाराष्ट्र की सुकेशना नामक शिक्षिका को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इस सम्बन्ध में प्राचार्य जितेन्द्र सिंह यादव से ‘‘विषबाण’’ की टीम ने मुलाकात का प्रयास किया लेकिन मिलने से इंकार कर दिया गया। जबकि संस्थान के सचिव सुनील शर्मा ने शिक्षिका प्रवीणा के चाल-चलन को आपत्तिजनक बताते हुए लगाये गये सभी आरापों को निराधार बताया है।