1 करोड़ देकर कानून के शिकंजे से बच गया सट्टा किंग

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मथुरा। शहर में फल-फूल रहा सट्टा कारोबार पुलिस-प्रशासन के लिये किस तरह वरदान साबित हो रहा है इसका खुलासा प्रमुख सट्टा कारोबारी की करोड़ों की डील में सामने आया है जहां 1 करोड़ की वसूली के बाद सट्टा कोराबारी को छोड़ा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले दिनों पुलिस द्वारा स्टेट बैंक चौराहे के निकट स्थित एक प्रमुख सट्टा कारोबारी के ठिकाने पर पुलिस द्वारा दबिश मारी गई। जिसमें सट्टा कारोबारी साफ बच निकला। सूत्र बताते हैं कि पुलिस को सटोरिया के राधा ऑर्चिड कॉलोनी निवासी बहनोई के यहां छिपे होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने छापा मारा तो वहां से भी सटोरिया भाग खड़ा हुआ और पुलिस उसके बहनोई को पकड़ लाने के बाद उसे हवालात में ठूंस दिया। बताया जाता है कि सट्टा किंग ने अपने बहनोई को छुड़ाने के लिये वृन्दावन के प्रमुख संत का सहारा लिया जिसमें एक करोड़ का लेनदेन होने के बाद सुबह के 4 बजे करीब वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर छोड़ दिया गया। बताते हैं कि उक्त प्रमुख सट्टा किंग ने पिछले दिनों पत्रकारों के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर उपमुख्यमंत्री का सम्मान भी किया था।
जानकार सूत्र बताते हैं कि पुलिस छापेमारी से पूर्व सटोरिये को भगाने में छापामार टीम में शामिल एक पुलिस कर्मी ने ही टेलीफोन पर सूचना देकर फरार होने में मदद की। बल्कि उसी पुलिस कर्मी ने सटोरिया की डील कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। भरोसेमंद सूत्र बताते हैं कि कुछ दिन पूर्व भी 4 सटोरियों से पुलिस द्वारा 20 लाख की राशि वसूली गई थी। सट्टा कारोबार से नजदीकी रखने वालों की मानें तो पूर्व एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने सट्टा कारोबार पर पूर्ण रोक लगाई थी जिनके कारण सटोरियों को जनपद छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। लेकिन उनके तबादला होते ही सट्टा कारोबार पुनः चालू हो गया है। जिसमें कार्यवाही के नाम पर छोटे सटोरियों को जेल और बड़े माफियाओं से लाखों-करोड़ों की वसूली हो रही है। जससे आम जनता बर्बाद हो रही है।