एससी-एसटी एक्ट पर करेंगे सरकार का डटकर मुकाबला : देवकीनंदन

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वृन्दावन । एससी-एसटी एक्ट संशोधन में बिना जाँच गिरफ्तारी का विरोध कर रहे अखंड भारत मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने बड़ा ऐलान किया है । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर अखण्ड भारत के लिये उन्होने युवाओं को आगे आने का आव्हान करते हुये चुनाव लड़कर सरकार तक अपनी आवाज पहुॅंचाने की बात कही है । देवकीनंदन ठाकुर ने घोषणा करते हुये कहा कि एक माह का समय और बचा है अगर सरकार अपने फैंसले को नहीं बदलती है तो अखण्ड भारत मिशन के बैनर तले पार्टी बनाकर समाज को जोड़ने की चाह रखने वाले युवाओं को चुनावों में उतारा जायेगा । उन्होने कहा एक्ट संशोधन के विरोध में सवर्ण समाज पिछले ढेड़ माह से सड़कों पर अपना विरोध जता रहा है । लेकिन सरकार उनकी लगातार उपेक्षाकर अपमानित कर रही है ।
अमेरिका से फेसबुक लाइव पर जनता को इस निर्णय के बारे में बताते हुए पं. देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि गांधी बापू की इस जयंती पर हम सबको अखण्ड भारत का सपना पूर्ण करने की जरूरत है । उन्होने कहा कि आपको जो दर्द है वह समझ रहा हूं लेकिन मैं जहां हूँ वहाँ मुझे भी सोच समझ के काम करना हैं । मैं चाहता हूं देश की अखंडता बनी रहे। मैने हमेशा कहा है कि जाति और मजहब से ऊपर उठकर अगर हम कहीं काम कर रहे हैं तो पहले भारत देश के लिए काम कर रहे हैं।
पं. देवकीनंदन ठाकुर ने पार्टी बनाने का ऐलान करते हुए कहा कि हमने लोगों से सुझाव मांगे थे तो अधिकांश लोगों ने एक ही सुझाव दिया है कि चुनावों में उतरकर सरकार को आईना दिखाया जाये । बड़ी संख्या में विभिन्न संगठन भी लगातार इसे जरूरी बता रहे हैं । हमारा निर्णय है की अखण्ड भारत मिशन सबको साथ में लाएगा और सबसे पहले मध्य प्रदेश में चुनाव में सरकार को जवाब दिया जायेगा । उन्होने कहा कि अगर सरकार समाज की बात एक महीने में मान लेती है तो हम कथा ही करेंगे । जहां हैं वहीं रहेंगे और अगर बात नहीं मानती है तो हम पार्टी बनाएंगे, मध्य प्रदेश में एक झंडे के तले हम सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे । 2019 में भी जहां जहां हमे लगेगा वहां चुनाव लडेंगे।
हम पराये हो गये ? नहीं लड़ूगाँ चुनाव, लेकिन प्रत्याशी उतार कर देगें जवाब –
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि अधिकांश लोगों का कहना है कि आप चुनाव लड़िए । लेकिन मैं पूर्व में भी कह चुका हूँ कि मैं चुनाव नहीं लडूंगा । मैं सिर्फ वहीं काम करूंगा जो ठाकुर जी ने मुझे दिया है । मैं कथा ही करूंगा लेकिन इतने सांसदों के द्वारा जो हमें उपक्षित किया जा रहा है उससे ऐसा लग रहा है कि अखण्ड भारत चाहने वाले लोगों का अपमान हो रहा है । यह सहनीय नहीं है, इसका जवाब दिया जायेगा।
पार्टी बनाने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि हम पार्टी इसलिए बना रहे हैं क्योंकि अगर सदन में जन भावना को समझने वाले लोग नहीं पहुंचे तो ये ऐसे ही कानून बनाते रहेंगे। ऐसे कई कानून इस सदन में बन चुके हैं जो नहीं बनने चाहिए थे।
केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि प्रत्येक पार्टी जिन्होंने एससी एसटी एक्ट बनाया, लगभग डेढ़ से दो महीने होने को हैं कोई भी व्यक्ति, एक भी सांसद जनविरोध की आवाज को सुन नहीं रहा है । मैं सरकार या किसी व्यक्ति विशेष के विरूद्ध नहीं हूं लेकिन हम डेढ महीने से रो रहे हैं कोई हमारी सुन ही नहीं रहा। ये जितने भी सांसद बैठे हैं सब राजा ही हैं हमारी देखरेख की जिम्मेदारी इन्ही की है । सवर्ण समाज रो रहा है, कोई आंसू पोछने वाला तक नहीं आया। ऐसा लग रहा है हम देश में पराये से हो गए हैं।
ईमानदार और बेदाग प्रत्याशियों का होगा चयन –
देवकीनंदन ठाकुर ने चुनाव में अपने उम्मीदवारों के चयन के बारे में भी बताते हुए कहा कि उम्मीदवार को बेदाग और ईमानदार होना चाहिए। वो देश के साथ गद्दारी नहीं करेंगे, धर्म के साथ गद्दारी नहीं करेंगे, सभी समाजों को साथ लेकर काम करेंगे ये तीन प्रमुख शर्तें होंगी।
महिलाओं की भागीदारी, बुजुर्गों के साथ युवाओं को दिया जायेगा मौका-
अखण्ड भारत मिशन के सचिव विजय शर्मा ने बताया कि अगर पार्टी बनती है और चुनाव लड़ने की नौबत आती है तो महिलाओं को प्रमुख रूप से आगे लाया जायेगा । पार्टी में 70 प्रतिशत युवाओं को स्थान मिलगा वहीं 30 प्रतिशत अुनभवी बुजुर्गों के निर्देशन में काम किया जायेगा ।
22 हजार से ज्यादा लोगों ने दिये थे अपने सुझाव –
शांति सेवा धाम पर गजेन्द्र सिंह ने बताया कि कि देवकीनंदन महाराज ने फेसबुक पेज पर लाइव आकर अपने समर्थकों से आगामी रणनीति को लेकर सुझाव मांगे थे । इनके आधार पर ही उन्होंने चुनाव में अपनी पार्टी को उतारने का फैसला लिया गया है। मंगलवार सुबह तक 7 लाख से ज्यादा लोग इस वीडियो देख चुके थे वहीं 22 हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी राय व्यक्त की थी । इसमें अधिकाशं ने अखण्ड भारत मिशन को चुनावों में उतरने की राय मिली थी । इसके अलावा फोन और मैसेज के माध्यम से भी लोग सम्पर्क करते रहे ।