फिल्म अभिनेत्री हेमामालिनी का ये है “सांसद आदर्श गांव”

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मथुरा। प्रधानमंत्री द्वारा की गई ‘‘आदर्श सांसद ग्राम’’ योजना ग्रामीणों के लिये किसी तरह हवा-हवाई साबित हो रही है इसका नमूना फिल्म अभिनेत्री एवं मथुरा सांसद हेमा मालिनी द्वारा गोद लिये गांव मानागढ़ी की बदतर हालातों से देखी जा सकती है जहां मुख्य मार्ग से पैदल निकलना भी मुश्किल है। जहां ना चिकित्सा सुविधा उपलब्ध और ना ही यातायात की सुविधा उपलब्ध है विकास नाम पर मात्र थोड़ा सा नाली का टुकड़ा बनवाकर इति श्री कर दी गई है।

 

मानागढ़ी की सड़कें बनी तालाब

जिला मंख्यालय से करीब 80 किलो मीटर दूर अलीगढ़ सीमा से सटे गांव मानागढ़ी को सासंद हेमामालिनी ने 25 दिसम्बर 2017 को आदर्श गांव बनाने की सन्तुति जिलाधिकारी मथुरा से की वहीं 9 जनवरी 2018 को गांव में आयोजित सभा के दौरान इसका एैलान किया गया था। लेकिन 10 हजार की आबादी वाले इस गांव में ग्रामीणों को विकास की एक झलक नशीब नहीं हो पा रही है। गांव के टप्पल-बाजना के प्रमुख सड़क मार्ग की हालत बद से बदतर है कई सौ मीटर सड़क तालाब का रूप धारण कर चुकी है। यहां योगी सरकार के गढ्डा मुक्त सड़क से दावे भी हवा में उछाल मार रहे हैं। गांव पशु सेवा एवं टीकाकरण केन्द्र खण्डहर में तब्दील हो गये हैं बल्कि घूरे का केन्द्र बन गये हैं। स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर ग्रामीण साधारण हो या गंभीर बीमारी अथवा कोई दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के उपचार के लिये 80 किलो मीटर दूर उपचार करने के लिये जाने पर मजबूर हैं। जहां पहुंचते-पहुंचते कई लोग मौत के आगोश में समा जाते हैं।

मानागढ़ी का स्वास्थ्य चिकित्सा केन्द्र जो अब गंदगी का ढे़र बन गया है

सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष नौहवार कहते हैं कि पूरा गांव अवैध कब्जों की चपेट में हैं जहां ना मृत पशुओं को दफनाने के लिये जगह है ना मृत इन्सान के लिये शमशान स्थल हैं। पूरा गांव गन्दगी के कारण बीमारियों की चपेट में है। सिंचाई हेतु माइनर की सफाई का आश्वासन दिया था। लेकिन किसी भी समस्या का समाधान नहीं किया गया है। भाजपा से जुड़े देवेन्द्र चैधरी उर्फ छोटू का कहना है कि सांसद द्वारा गांव में विकास कार्यों की शुरूआत कर दी है। जिसमें 150 मीटर नाली का निर्माण करा दिया गया है। जबकि अन्य विकासकार्यो की सन्तुति योगी सरकार से की गई है।

जनार्दन शर्मा सांसद प्रतिनिधि

इस सम्बंध में सांसद हैमा मालिनी से उनके मथुरा कार्यालय पर ‘विषबाण’ की टीम ने सम्पर्क किया तो सांसद का कार्य देख रहे जर्नादन शर्मा ने कहा कि मानागढ़ी सड़क किनारे नाली निर्माण के लिये धन स्वीकृत करा दिया गया। शेष कार्यों के लिये शासन को योजनाओं की सन्तुति की गई है। जब गांव की बदहाली की तरफ उनका ध्यान आकर्षित किया तो सांसद प्रतिनिधि का कहना था कि गांव के लोग नाली नहीं निकलने देते हैं। जिससे पानी सड़क पर आ रहा है। उन्होंने कहा कि बदहाली के लिये ग्रामीण एवं सरकारी अधिकारी जिम्मेदार हैं। जो किसी नेता की बात नहीं मानते। लेकिन इसके बाबजूद भी प्राथमिकता के साथ तेजी से जनपद में विकास कार्य हो रहे हैं। जिससे हर तरफ विकास नजर आ रहा है।

क्या है सांसद आदर्श ग्राम योजना?

गांवों के विकास के लिए सांसद आदर्श ग्राम योजना (SAGY) शुरू हुई थी. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2014 को यह योजना शुरू की थी. इस योजना के तहत देश के सभी सांसदों को एक साल के लिए एक गांव को गोद लेकर वहां विकास कार्य करना होता है. इससे गांव में बुनियादी सुविधाओं के साथ ही खेती, पशुपालन, कुटीर उद्योग, रोजगार आदि पर जोर दिया जाता है.

योजना में तीन बातों पर जोर
योजना में तीन बातों पर जोर दिया जाता है. यह मांग पर आधारित हो, समाज द्वारा प्रेरित हो और इसमें जनता की भागीदारी हो. इस योजना का उद्देश्‍य संबंधित सांसद की देख-रेख में चुनी हुई ग्राम पंचायत में रहने वाले लोगों के जीवन स्‍तर में सुधार लाना है.
इस योजना में सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच में सुधार पर भी जोर दिया जाता है. ये गांव आस-पास की अन्‍य ग्राम पंचायतों के लिए आदर्श बनते हैं.

703 सांसदों ने ग्राम पंचायत का चयन किया
सांसद आदर्श ग्राम योजना में नवंबर 2017 तक 19,732 नई परियोजनाओं को पूरा कर लिया गया था. 7,204 परियोजनाएं पर काम चल रहा था. देश में कुल 800 सांसद हैं, जिनमें से 703 सांसदों ने ग्राम पंचायत का चयन किया है. इन पंचायतों में समुदाय की सह-भागिता से सम्‍पूर्ण विकास पर ध्‍यान केन्द्रित किया गया है.
योजना के तहत देश के 2400 गांव को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है. भारत सरकार का ग्रामीण विकास मंत्रालय इसका नोडल मंत्रालय है.
कई राज्य सरकारें अपने यहां कार्यक्रमों को लागू करने में मदद कर रही हैं. इससे सामाजिक विकास के सूचकांकों में सुधार देखने को मिल रहा है. इसके तहत चलाई गई योजनाओं में आईसीडीएस केंद्रों में 100% पंजीयन, खुले में शौच से 100% मुक्ति, संक्रमण से 100% बचाव के प्रयास शामिल हैं.
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, सिक्किम, तमिलनाडु, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों ने कार्यक्रमों को तेजी से लागू किया है.

ऐसे होती है फंड की व्यवस्था
आदर्श सांसद ग्राम योजना के तहत विकास कार्य पूरा करने के लिए कई तरह से फंड मिलते हैं. इनमें इंदिरा आवास, PMGSY और मनरेगा शामिल है. इसके अलावा सांसदों को मिलने वाला विकास फंड भी कार्यक्रम पूरा करने में मददगार है.
ग्राम पंचायत भी अपने फंड का इस्तेमाल इस योजना के लिए करती है. कंपनियां भी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के जरिए इस योजना के लिए मदद देती हैं.

सांसद आदर्श ग्राम योजना में इन विकास कार्यों पर जोर
*स्कूल और शिक्षा के प्रति जागरूकता
*पंचायत भवन, चौपाल और धार्मिक स्थल
*गर्भवती महिलाओं के लिए पोषक आहार की व्यवस्था
*गोबर गैस के लिए सार्वजनिक प्लांट
*भोज/दावत की मिठाई या खाने को मिड डे मील में बांटना
*किसानों को ड्रिप इरिगेशन की सुविधा