सैक्स रैकेट के जाल में फंसे मथुरा के ‘मगरमच्छ’

0
11458

पलवल में शिक्षक-महिला पत्रकार के बीच बना अनैतिक वीडियो

मथुरा। पत्रकारिता के नाम पर एक सरकारी शिक्षक से 10 लाख की चौथ वसूली में युवती सहित फंसे 4 पत्रकारों के मामले में चौंकाने वाले खुलासों ने प्रशासनिक अधिकारी से लेकर मीडिया, बिल्डर, चिकित्सक, ट्रांसपोर्टर सहित कई बड़े मगरमच्छों की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जिससे मीडिया, व्यापारियों, नेता और प्रशासनिक अधिकारियों में मथुरा से लेकर लखनऊ-दिल्ली तक हंगामा मचा हुआ है।
18 मई को एसएसपी मथुरा के आदेश से थाना हाइवे में सरकारी शिक्षक संजय कुमार पुत्र उदयवीर सिंह निवासी 89 आनन्दवन काॅलोनी नवादा मथुरा ने छद्दम पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग के माध्यम से 10 लाख की चौथ वसूली का मुकद्मा थाना हाइवे में नन्दनी शर्मा, रहीस कुरैशी, हेमन्त शर्मा सभी निवासीगण मथुरा एवं डोरीलाल गोला निवासी पलवल-हरियाणा के विरूद्ध दर्ज कराया था। जिसके जवाब में आरोपी नन्दनी शर्मा ने थाना फरह क्षेत्र में शादी के बहाने यौन उत्पीड़न, कपड़े फाड़ने, अभद्रता करने की तहरीर शिक्षक संजय कुमार, उसके दोस्त यशपाल पचईंया, उपजा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बृज प्रेस क्लब अध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु के खिलाफ दी । जिसका मामला दर्ज ना होने पर एसीजेएम द्वितीय मथुरा के न्यायालय में 156(3) के तहत न्यायालय में याचिका दायर की है, इसमें 22 मई को हंगामा होने के बाद 1 जून की तारीख तय की गई है।

संजयय कुमार - नंन्दनी शर्मा की बीतचीत के अंश, सुनें आॅडियो

शिक्षक संजय कुमार द्वारा दर्ज करायी गयी रिर्पोट के अनुसार नन्दनी शर्मा ने 20 अप्रेल 2018 को पलवल स्थित अपने आवास पर शिक्षक संजय कुमार को बुलाया जहां दोनों के मध्य अवैध सम्बंध स्थापित हुए । जिसका वीडियो क्लीपिंग बनाने के बाद पलवल के डोरीलाल गोला ने अपने को पत्रकार बताते हुये संजय को फोन कर नन्दनी शर्मा से जबरन अनैतिक सम्बंध बनाने का लगाया तथा अपने पास वीडियो क्लीपिंग होने का दावा करते हुए मुलाकात करने के लिये कहा । पीड़ित शिक्षक ने मित्रों के साथ पलवल डोरीलाल से सम्पर्क किया जहां 10 लाख की मांग की गई। जिसमें संजय दो दिन समय लेकर मथुरा लौट आया। इस सम्बंध में शिक्षक की नन्दनी शर्मा से मोबाइल पर कई बार बातचीत हुई। इस बातचीत में मथुरा के पत्रकार हेमंत शर्मा, रहीस कुरैशी का नाम लेते हुए उन्हें भी पैसा देने की डिमांड की बात सामने आयी। इस दौरान उपजा के उपाध्यक्ष एवं बृजप्रेस क्लब के अध्यक्ष कलमकांत उपमन्यु ने शिक्षक संजय कुमार, हेमन्त शर्मा, रहीस खान सहित अन्य पत्रकारों के मध्य 10 लाख में समझौता करा दिया। लेकिन शिक्षक ने समझौते की 10 लाख की रकम अदा नहीं की बलि नन्दनी सहित चार पत्रकारों के खिलाफ शिक्षक संजय कुमार ने थाना हाइवे में मामला दर्ज करा दिया।
‘‘विषबाण’’ द्वारा की गई जांच पड़ताल एवं जुटाये गये तथ्यों के के अनुसार नन्दनी शर्मा पिछले कई सालों से मथुरा के एक न्यूज पोर्टल के लिये काम कर रही थी जिसमें वह प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से दबाव बनाकर बिल्डर, ज्वैलर्स, काॅलेज संचालक, ट्रान्सपोर्टस, नेता एवं चिकित्सक आदि से विज्ञापन जुटाती रही।
बताया जाता है कि पिछले वर्ष दीपावली से पूर्व एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा शिक्षक संजय कुमार को नन्दनी शर्मा को विज्ञापन देने के लिये दबाव बनाये जाने पर संजय द्वारा उसे विज्ञापन दे दिया गया। जिसके बाद दोनों के मध्य व्यापार के साथ-साथ उनकी मित्रता भी गहराई छूने लगी । 20 अप्रेल 2018 को दोनों की यह मित्रतापलवल में अंतरंग सबंधों तक पहंुच गई। लेकिन संजय कुमार के सिर से इश्क-मोहब्बत का नशा तब उतरा जब पलवल से डोरीलाल गोला ने अपने को पत्रकार बताते हुए 8 मई को शिक्षक को फोन कर कहा कि तुमने नन्दनी शर्मा से जबरन अवैध संबंध बनाये हैं अगर तत्काल मुझसे सम्पर्क नहीं किया तो तुम्हारी खबरें वीडियों सहित चैनल पर चला दूंगा। इसे सुन शिक्षक भागा-भागा पत्रकार डोरीलाल के पास पलवल पहुंचा । पलवल में कैमरे में कैद की गयी उसकी काली करतूत का वीडियो जब उसे दिखाया गया जिसे देखकर संजय के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद मामले को दबाने के बदले 30 लाख रूपये की मांग की गई। जिसमें असमर्थता व्यक्त करने पर मामला 25 लाख तक आ गया। लेकिन संजय दो दिन का समय मांगते हुए मथुरा लौट आया । इसके बाद मथुरा में कुछ पत्रकारों ने उसे वीडियो का हवाला देते हुए मुलाकात की तो मामला 20 लाख पर आकर उलझ गया।

मामले दबाने को लेकर 25-30 लाख रुपये मांगे जाने एवं संजयय कुमार - नंन्दनी शर्मा की वार्ता की आॅडियो

सैक्स जाल में बुरी तरह फंसे शिक्षक को एक और सपना ठाकुर नामक महिला ने अपने को पत्रकार बताते हुए संजय से मोबाइल पर सम्पर्क किया । विषबाण के पास मौजूद ओडियो में अपने को सपना ठाकुर पत्रकार बताने वाली महिला संजय से बातचीत में दावा कर रही है कि उसके पास वीडियो सहित पूरे सबूत है वह उससे मिल ले और जो सेवा करना चाहे कर दे इस चक्रव्यूह से वह उसे छुटकारा दिला देगी। एक अन्य ओडियो क्लिप में वह कह रही है कि उसने इससे पूर्व भी छाता क्षेत्र में सीआरपीएफ के कर्नल जिसके बेटे-रिश्तेदार भी उच्च पदों पर कार्यरत हैं को मुक्त कराया था। कर्नल की वार्ता कांन्फ्रेंस द्वारा मोबाइल पर कराई गई।

एक तरफ शिक्षक चक्रव्यूह में फंसता जा रहा था दूसरी तरफ कथित पत्रकारों का गैंग कभी एसएचओ बनकर तो कभी सीओ तो कभी किसी चैनल-समाचार पत्र का पत्रकार बनकर नन्दनी से समझौते का दबाव बना रहा था। लगातार धमकियों के बीच उपजा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बृज प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु ने शिक्षक एवं नन्दनी सहित अन्य पत्रकारों के बीच समझौता वार्ता करायी । शिक्षक संजय को 10 लाख की राशि नन्दनी एवं पत्रकारों के लिये देना तय किया गया जोकि उपमन्यु के यहां पहुंचाने थे जिसका खुलासा आॅडियो में किया गया है। जबकि उपमन्यु का कहना है कि दोनो पक्ष समझोता वार्ता के लिये स्वंय उनके पास आये थे । बताते हैं कि समझौता वार्ता में कई पत्रकार एवं नगर के कुछ खास लोग भी नन्दनी के तरफदारी करते नजर आये तो शिक्षक को दाल में काला नजर आने लगा और वह रकम एकत्रित करने की बात कहकर वहां से निकल गया। एक तरफ पत्रकार बेसब्री से 10 लाख का इंतजार कर रहे थे वहीं दूसरी ओर शिक्षक संजय कुमार आरोपियों को चक्रव्यूह में फंसाने के लिये लग गया । वह सभी की आॅडियो-वीडियो रिकाॅर्डिंग बनाता रहा दूसरी तरफ वह रकम एकत्रित करने का बहाना करता रहा। नन्दनी शर्मा बार-बार मोबाइल पर 10 लाख की राशि उपमन्यु के यहां पहुंचाने का दबाव बनाती रही और शिक्षक उसकी आडियो रिकाॅर्डिंग बनाता रहा। रिकाॅर्ड पूरा करने पर वह भी दोषियों को सबक सिखाने का संकल्प लेकर घर से निकल पड़ा।
16 मई 2018 को संजय कुमार परिवार के साथ एसएसपी प्रभाकर चौधरी से मिला और पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए ब्लैकमेलिंग के सबूत प्रस्तुत किये। जिनके आधार पर हाइवे थाना में नन्दनी सहित चार पत्रकारों के खिलाफ धारा 328, 386, 120बी 67 आईटी के तहत मुकद्मा दर्ज कर दिया गया। मुकद्मा दर्ज होने के बाद नन्दनी शर्मा ने भी शिक्षक संजय कुमार, उनके ट्रांसपोर्टर मित्र सत्यपाल पछइंया एवं उपजा उपाध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु के खिलाफ थाना फरह एवं एसएसपी मथुरा को शादी के बहाने यौन शोषण, मारपीट, गाली गलौज, कपड़े फाड़ने आदि का आरोप लगाते हुए धारा 376, 420, 354बी, 506, 506 के तहत मुकद्मा दर्ज कराने का प्रार्थना पत्र दिया जहां सुनवाई ना होने पर न्यायालय में 156(3) के अन्तर्गत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। नन्दनी शर्मा के अधिवक्ता प्रताप सिंह राणा, जय कुमार चौहान ने ‘‘विषबाण’’ को बताया कि 22 मई को एसीजेएम के न्यायालय में वह अपना पक्ष रख रहे थे कि उपमन्यु समर्थक 30-40 वकीलों ने न्यायालय में हंगामा खड़ा कर दिया। जिससे अगली सुनवाई 1 जून 2018 को पुनः होगी। अधिवक्ताओं का कहना है कि पीड़िता का यौन शोषण किया गया है और उसे हर संभव न्याय दिलाया जायेगा।
दूसरी तरफ आरोपी पत्रकार गिरफ्तारी पर रोक लगवाने के लिये उच्च न्यायालय पहंुच गये हैं वहीं अनेक पत्रकार संगठन भी उनके बचाव में उतर आये हैं। जबकि कई पत्रकार मामले को लेकर एक बार फिर समझौते के प्रयास में जुटे हुए हैं। इस सम्बन्ध में उपजा प्रदेश उपाध्यक्ष कमलकान्त उपमन्यु से उनका पक्ष जानने के लिये मोबाइल पर सम्पर्क किया तो फोन रिसीव किये जाने पर ‘‘विषबाण’’ मीडिया का परिचय देने पर उन्होने तुरन्त फोन काट दिया। इसके बाद दो बार पुनः फोन किया गया लेकिन काॅल रिसीव नहीं की गई।

उपमन्यु के खिलाफ पूर्व में भी हुआ था रेप का केस दर्ज

एक बार फिर विवादों में आये उपजा के प्रदेश उपाध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु के खिलाफ 6 दिसम्बर 2014 को एमबीए की छात्रा ने रेप का मुकद्मा भी थाना हाइवे में 376, 504 आईपीसी के तहत दर्ज कराकर न्यायालय में 164 के बयान दर्ज कराये थे । लेकिन इसके बाद छात्रा ने शपथ पत्र देकर अपने बयान पलट दिये। जिसमें उपमन्यु द्वारा विवेचना को फिरोजाबाद जनपद ट्रांसफर करा लिया गया जहां बाद में पुलिस द्वारा न्यायालय में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। इस मामले को उस समय मथुरा बार एसोशियेशन के अध्यक्ष विजय पाल सिंह तोमर द्वारा जनहित याचिका के माध्यम से इसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई । इसमें सुनवाई के दौरान न्यायालय द्वारा शासन से पूछा गया कि क्यांे ना मामले की जांच सीबीआई से कराई जाये। यह मामला अभी उच्च न्यायालय में लम्बित है। वहीं इस मामले को लेकर नन्दनी व शिक्षक संजय के बीच हुई वार्ता में उक्त मामले के निपटारे में ढ़ाई करोड़ की राशि के खर्च होने की चर्चा की गई है। भविष्य में न्यायालय में यह तथा अन्य आॅडियो उपमन्यु के लिये मुसीबतें खड़ी कर सकती हैं।

आॅडियो-वीडियो में छिपे हैं कई गहरे राज

येये दोस्ती क्या कहती है…. नन्दनी शर्मा – कमलकान्त उपमन्यु की बातचीत के विशेष अंश, सुनें आॅडियो…

‘‘विषबाण’’ द्वारा कई दिन की जांच पड़ताल के बाद डेढ़ दर्जन से अधिक आॅडियो एवं वीडियो एकत्रित की गईं। जिसमें पलवल में बनाई गई वीडियो क्लीपिंग का कपड़े पहनकर मौज मस्ती करते हएु का हिस्सा तो उपलब्ध करा दिया गया। लेकिन न्यूड वीडियो हिस्सा दिखाया तो गया परन्तु वह विशेष कारणों से नहीं दिया गया। इसी तरह एक आॅडियो में सपना ठाकुर द्वारा मथुरा के एक वरिष्ठ अधिकारी को एडीओ के नाम से पुकारा गया है। एक अन्य आॅडियो में सर्दी के मौसम में उपमन्यु द्वारा नन्दनी शर्मा को बार-बार चाय पर आमंत्रित किया गया है। जबकि एक अन्य आॅडियो जो विशेष कारणों से ‘‘विषबाण’’ को उपलब्ध नहीं कराई गई उसमें कई प्रशासनिक अधिकारियों, बिल्डरों, राजनेताओं, ज्वैलर्स, उद्योगपतियों, चिकित्सकों, पत्रकारों, नकाबपोश समाज सेवियों से नजदीकी सम्बंधों का उल्लेख किया गया। जिनकी जानकारी सबूत के अभाव में आप तक नहीं दे पा रहे हैं।

10 लाख दलालों को नहीं तुम ही ले लो…

‘‘विषबाण’’ के पास उपलब्ध आॅडियो क्लीपिंग में शिक्षक-आरोपी पत्रकारों के बीच वार्ता के समय कई अन्य पत्रकार भी उपस्थित थे। जिसमें शिक्षक नन्दनी शर्मा से बार-बार कह रहा है कि तुम जो चाहो ले लो लेकिन 10 लाख रूपये दलालों को क्यों दिलवा रही हो। वह तुम्हें कुछ नहीं देंगे सब रकम को वो ही खा जायेंगे। लेकिन बार-बार कहने के बावजूद नन्दनी 10 लाख की राशि उपमन्यु के यहां पहुंचाने के लिये कहती है। एक अन्य आॅडियो में नन्दनी उपमन्यु को फोन पर कहती है कि ‘‘संजय मेरे परिवार वालों के पास पहुंच गया है उसे समझा लो’’ के जवाब में कमलकांत कहता है कि ‘‘जब वो आ ही नहीं रहा तो मैं क्या करूँ’’ इसके जवाब में नन्दनी शर्मा ने कहा कि ‘‘अगर तुम कहो तो मैं उसे हड़का दूँ’’ इसी तरह की तमाम वार्ताओं की लम्बी फेहरिस्त है।

सैक्स रैकेट का खेल हुआ धरासायी

शिक्षक संजय कुमार महिला पत्रकार नन्दनी शर्मा की बातचीत के प्रमुख अंश, सुनें आॅडियो

‘‘चले थे हरिभजन को ओटन लगे कपास’’ की कहावत मथुरा के सैक्स रैकेट गैंग पर सटीक साबित हुई है। जहां चले तो थे 10 लाख की वसूली करने लेकिन वह उल्टे ही कानून के शिकंजे में फंस गये। पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की आड़ में चले आ रहे सैक्स रैकेट खुलासे के साथ ही मीडिया में हड़कम्प मचा हुआ है बल्कि इस मामले में फंसे कई पत्रकार एवं उनसे जुड़े लोगों के लिये जी का जंजाल बन गया है। दूसरों को ब्लैकमेल करने वाले एक दिन स्वयं ब्लैकमेल हो जायेंगे इसकी उन्होंने कभी स्वप्न में भी कल्पना नहीं की होगी। उन्हें काली कमाई में जेल मिलेगी या बेल ये वक्त तय करेगा लेकिन एक शिक्षक ने उनके खेल को तहस नहस कर दिया है।

10 लाख की रकम को कौन निगल गया

इस पूरे मामले से जुड़े सूत्रों से यही चर्चा सुनने को मिली कि इस मामलें में 10 लाख की राशि तो अदा की गयी लेकिन वह आरोपी पत्रकारों तक पहुँचने के बजाय अन्य हाथों में चली गयी । जिसमें से कुछ राशि समझोता वार्ता में शामिल खास पत्रकारों और प्रशासनिक अधिकारियों और मामलें को निपटाने के लिये कानूनी लड़ाई के खर्चे के लिये रखी गयी है । हांलाकि रकम देने की पुष्टि शिक्षक संजय कुमार ने अभी तक नहीं की है । इस मामले में मीडिया से जुड़े जानकारों का कहना है कि शिक्षक को मोहरा बनाकर जानबूझकर ऐसा गेम खेला गया है कि ‘साॅंप भी मर जाये और लाठी भी न टूटे’ की कहावत की तर्ज पर कुछ खास लोगों द्वारा अपने पुराने प्रतिद्वंदियों को ठिकाने के लिये उन्हीं के हथियारों का प्रयोग किया गया है । इस मामले में आरोपी नंदनी शर्मा का जिन पर भरोषा था उन्होने ही वक्त पर उसके विश्वास का खून कर दिया । लेकिन नंदनी के पास उपलब्ध साक्ष्य ही वह अपने दुश्मनों को दबाने के लिये प्रयोग करने में जुटी है । जिससे कई बड़े-बड़े चेहरों पर हवाईयाॅं उड़ती नजर आ रही हैं और वह एक बार फिर शह मात के खेल में जुट गये हैं । देखना होगा कि राजनीति से लेकर मीडिया जगत और प्रशासन के इस कोकटेल में कौन-कौन से मगरमच्छ कानून के शिकंजे में फंसते हैं या फिर पैसे के बल पर पहले की तरह इस बार भी सारा मामला निपटाने में सफल हो जाते हैं ।

क्या कहते हैं आरोपी

विषबाण पर उपलब्ध मामले से जुडे़ लोगों के आॅडियों-वीडियों रिकार्डिग में हेमन्त शर्मा, शिक्षक संजय कुमार जहाँ कमलकान्त उपमन्यु द्वारा अपने पास बुलाने का दावा कर रहे हैं वहीं कमलकान्त समझोते के लिये स्वंय उनके पास आने का दावा कर रहे हैं । इस सम्बंध में आरोपी हेमन्त शर्मा द्वारा अपने बचाव में कई वीडियो रिकार्डिंग जारी की गयीं हैं जिसे आप सुन सकते हैं ।

10 लाख की चौथ वसूली के आरोपों से घिरे पत्रकार हेमन्त शर्मा द्वारा अपने पक्ष में जारी किया गया सफाई का वीडियो।

नोट – उक्त समाचार/ओडियो-वीडियो घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों द्वारा उपलब्ध कराये गये हैं। जिनकी विषबाण मीडिया प्रमाणिकता की पूरी तरह से पुष्टि नहीं करता। पाठक इन पर अपने विवेक से निर्णय लें ।