मथुरा में भाजपा नेता सहित आईपीएल में सट्टा लगाते चार गिरफ्तार

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मथुरा। ‘‘अबकी बार, अपराध मुक्त सरकार’’ का नारा देने वाली योगी सरकार में भाजपा नेता ही किस तरह इस नारे की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इसका खुलासा मथुरा पुलिस की छापामार कार्रवाई में हुआ जहां आईपीएल के सट्टे कारोबार में भाजपा के प्रमुख नेता सहित चार सटोरियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जिसमें एक संघ के प्रमुख पदाधिकारी का भाई फरार हो गया।

सट्टा कारोबार में पकड़ा गया भाजपा नेता विनोद शर्मा, सांसद हेमा मालिनी सहित अन्य पार्टी नेताओं के साथ एक कार्यक्रम में। फाइल फोटो।

एक ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टााचार-अपराध मुक्त शासन का दावा कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ भाजपा नेता और सरकार के मंत्री उनके संकल्प की किस तरह हवा निकाल रहे हैं इसका खुलासा मथुरा पुलिस की छापामार कार्रवाई में हुआ है। जहां आईपीएल सट्टे को बड़े पैमाने पर अंजाम देने में जुटे भाजपा के पूर्व जिलामंत्री एवं पूर्व मांट विधानसभा प्रभारी सहित प्रमुख पदों पर रहे विनोद शर्मा पुत्र स्व. चन्द्रपाल शर्मा, निवासी नौहझील को आईपीएल में सट्टा लगाते हुए तीन साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। पत्रकार वार्ता के दौरान एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह, सीओ सिटी प्रीति सिंह, कोतवाल शिव प्रताप सिंह ने बताया कि पिछले कई दिनांे से कोतवाली अन्तर्गत प्रोफेसर काॅलोनी निवासी रवि पाराशर पुत्र कंचन सिंह के यहां दिल्ली-मुम्बई में चल रहे आईपीएल क्रिकेट में सट्टे की खाई बाड़ी होने की सूचना प्राप्त हो रही थी। जिसपर कोतवाली, कृष्णा नगर, स्वाट टीम ने मिलकर सटोरियों की घेराबंदी की गई।
पुलिस के अनुसार पुलिस की घेराबंदी को तोड़कर सटोरियों ने भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने विनोद पुत्र चन्द्रपाल निवासी नौहझील, दीपक पुत्र मुरारी लाल निवासी विकास नगर थाना हाइवे, रवि पारासर पुत्र कंचन सिंह निवासी प्रोफेसर काॅलोनी कोतवाली, उन्नत उपाध्याय पुत्र दिनेश चन्द्र शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। जिनके कब्जे से 31100 रूपये की नगदी, 4 मोबाइल फोन, एक एलईडी टीवी, 1 लैपटाॅप, एक पैन ड्राइव, कैलक्यूलेटर, डीवीडी, प्रिंटर, रजिस्टर आदि बरामद किया गया। जिनके खिलाफ कोतवाली मथुरा में मु0अ0 सं0 03767118 धारा 314 जुआ अधिनियम के साथ गिरफ्तार किया गया है। बताया जाता है कि पकड़ा गया सटोरिया विनोद शर्मा ने पूछताछ के दौरान बताया कि संघ के एक प्रमुख पदाधिकारी का भाई सट्टा कारोबार का सरगना है। इस पर पुलिस ने सरगना के घर पर छापा मारा, लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। जबकि अन्तापड़ा से दूसरा प्रमुख सट्टा कारोबारी पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही फरार हो गया।
सूत्रांे के मुताबिक भाजपा नेता को छुड़ाने के लिये एक मंत्री एवं कई भाजपा नेताआंे ने पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाया। लेकिन पुलिस ने दबाव नकारते हुए भाजपा नेता सहित सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। भाजपा नेता की सट्टे में गिरफ्तारी के बाद हड़कम्प मचा हुआ है। जबकि भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि 2017 में मांट विधान क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिये विनोद शर्मा ने दावेदारी की थी। जिसमें विरोध के चलते टिकट नहीं दी गई थी और एस.के. शर्मा को चुनाव लड़ाया गया था।