कलयुग में आज भी यहां पर साक्षात चमत्कार दिखाते हैं बजरंगबली

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योगीराज भगवान श्री कृष्ण की भूमि पर वैसे तो श्री बांके बिहारी जी (वृन्दावन), श्री गिरिराज महाराज (गोवर्धन), श्री शनिदेव महाराज (कोकिलावन) सहित अन्य धर्म स्थलों के प्रति देश-विदेश के करोड़ों भक्तों की आस्था की झलक साफ नजर आती है। वहीं कान्हा की नगरी में मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्री राम के अनन्य भक्त श्री हनुमान जी की साक्षात लीलाऐं एवं उनकी अलौकिक शक्तियां आज भी उनके भक्तों को साफ नजर आती हैं। जिन्हें नास्तिक भी मानने पर मजबूर नजर आते हैं। यह स्थान आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 से करीब 18 किलोमीटर एवं आगरा-नोयडा यमुना एक्सप्रेस-वे बाजना कट से करीब 5 किलोमीटर दूर मथुरा जनपद में शेरगढ़-नौहझील मार्ग पर जहां श्री झाड़ी वाले हनुमान जी का है जहां शनिवार और मंगलवार को भक्तों का सैलाब उमड़ता नजर आता है।

श्री झाड़ी वाले हनुमान जी रहस्य उत्पन्नि का काफी लम्बी कहानी है लेकिन मांट क्षेत्र के विधायक पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री श्याम सुन्दर शर्मा बताते हैं कि हनुमान जी का मन्दिर है वहां प्राचीन झाडियां जो आज भी वहां मौजूद हैं के मध्य हजारों वर्ष पूर्व तेज आवाज के साथ जमीन फटने से हनुमान जी की प्रतिमा स्वत प्रकट हुई। जिसे झाड़ियों से निकालने के लिये खुदाई कराई लेकिन समुद्र तल खुदाई होने के बाद भी जब प्रतिमा का सिरा (छोर) नजर नहीं आया तो मूर्ति की स्थापना झाड़ियों में ही करा दी गई। इसके बाद से वहां पूजा अर्चन कार्य शुरू हो गया और देखते ही देखते श्री हनुमान जी चमत्कारिक एवं दिव्य आलौकिक शक्तियों से प्रभावित होकर भक्तों का सैलाब जुड़ता चला गया जहां देश-विदेश के लाखों भक्त प्रति वर्ष मन्दिर पर नमन करते हैं।

राम लीलाओं का पिछले दशकों से संचालन कर रहे छेदालाल पाठक कहते हैं कि श्री झाड़ी वाले हनुमान जी की चमत्कारिक घटनाऐं आज भी साक्षात नजर आती हैं। जिससे प्रभावित होकर भक्त जहां प्रति शनिवार-मंगलवार को दाल-बाटी-चूरमा के भण्डारों का आयोजन करते हैं।

श्री झाड़ी वाले हनुमान जी अद्धभुत शक्तियों की बाते करें तो यहां हजारों लोग उनकी चमत्कारिक घटनाओं का उल्लेखन करते नजर आते हैं जिसमें करीब 5-6 दशक पूर्व कुछ बदमाश हनुमान जी प्रतिमा की बेशकीमती आंखों को चुराकर ले जा रहे थे वह मन्दिर प्रांगण से निकलते ही अन्धे हो गये। वहां से गुजरते थानाध्यक्ष नौहझील वैकन्ट रमण को जब बदमाशों की चीख पुकार सुनाई दी तो वह उन्हें थाने ले आये जहां हनुमान जी की चमकती आखों पर नियत खराब हो गई। जिसके बाद थानाध्यक्ष की आखों की रोशनी भी चली गई। गलती का अहसास होने पर वह हनुमान जी के चरणों में पहुंचे और आंखें चरणों में रखकर क्षमा याचना की। जिसके बाद उनकी आंखों की रोशनी लौट आयी। इससे प्रभावित थानाध्यक्ष नौकरी छोड़कर श्री हनुमान जी की भक्ति करते हुए ब्रह्मलीन हो गये। जिनकी समाधि आज भी हनुमान जी के बगल में बनी हुई है जिसकी पूजा आज भी भक्त करते हैं।

इसी तरह मन्दिर के सामने स्थित गांव देदना में दबगों ने एक गरीब मजदूर जो कि हनुमान जी का अनन्य भक्त था जिसपर झूठा आरोप लगाकर पंचायत के माध्यम से पट बन्द करने का फरमान सुनाया जिसका गरीब मजदूर ने कई बार रो-रोकर अपने को निर्दोश बताया। लेकिन दबंगई के चलते उसे दरवाजा बन्द करने पर मजबूर किया और जैसे ही पंचायत के लोग और गरीब मजदूर मन्दिर पहुंचे वैसे ही तेज आकाशीय बिजली, तूफान, ओलों की जबरदस्त वर्षा ने पूरे क्षेत्र को तबाह करके रख दिया। लेकिन हनुमान जी ने गरीब को अपने पट बन्द नहीं करने दिये।

श्री झाड़ी वाले हनुमान जी के अनन्य भक्त मास्टर रामबाबू कटारा बताते हैं कि देदना गांव का ही एक युवा छगन लाल हनुमान जी की सेवा में जुट गया वर्ष 1988 में जब उसने मन्दिर के प्रांगण में कुण्ड बनाकर सखी यज्ञ के माध्यम से गलत सिद्धियां हासिल करने की कोशिश की तो बन्दरों ने साक्षात उपस्थित होकर पुजारी को हवन कुण्ड में जिन्दा ही झौंक दिया जिसकी महीनों बाद तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

श्री झाड़ी वाले हनुमान की कलश यात्रा में उमड़ा अपार सैलाब

श्री कटारा करीब एक दर्जन क्षेत्रीय लोगों एवं सतों के नामों का उल्लेख करते हुए बताते हैं कि उन्होंने हनुमान जी की गलत तरीके से सिद्धियां हांसिल करने की कोशिश की तो वह पागल हो गये। जिनमें से कई की मौत हो चुकी है और कई आज भी पागल की अवस्था में घूमते हुए क्षेत्र में देखे जा सकते हैं।हनुमान जी के चमत्कारिक महिमाओं का अथाह भण्डार है जिसमें प्रमुख रूप से क्षेत्रीय विधायक श्याम सुन्दर शर्मा जिन्होंने वर्ष 1991 से हनुमान जी का 10 दिवसीय महोत्सव शुरू कराया उन्होंने भागवत कथा के लिये विशाल पक्का पाण्डाल बनाने की घोषण की लेकिन अपनी घोषणा पर दो साल तक अमल न करने पर तीसरे वर्ष 2000 में जब ख्याति प्राप्त भागवताचार्य कृष्ण चन्द ठाकुर जी कथा समापन के बाद जब श्याम सुन्दर शर्मा अपनी पत्नि सुधा शर्मा के साथ हजारों भक्तों के साथ आरती कर रहे थे तभी भयंकर बारिश, तूफान आया जिसमें बल्लियों से बना टैण्ट के विशाल पाण्डाल के नीचे पूर्व मंत्री सहित हजारों श्रद्धालु दब गये और वहां चीख पुकार मच गई लेकिन हनुमान जी के जयकारे की गूंज के साथ सभी भक्तगण सुरक्षित बच गये और किसी को खंरोच तक नहीं आयी। इस घटना के बाद क्षेत्रीय विधायक श्री शर्मा ने 50 लाख की लागत से टीनसेड युक्त विशाल कथा पाण्डाल का निर्माण तो कराया ही इसके अलावा खेल स्टेडियम, सड़क, विद्युत, बाऊंड्रीवाल, आवास ग्रह आदि का भी निर्माण कराया के अलावा महोत्सव के दौरान हैलीकाॅप्टर से पुष्प वर्षा भी कई बार कराई गई। पूर्व मंत्री श्री शर्मा के साथ अलीगढ़ जनपद से महोत्सव में भाग लेने आये एक नेताजी ने मन्दिर के लिये 1 लाख की घोषण की लेकिन न देने पर उसे चन्द दिनों बाद ही हत्या के मामले में जेल जाना पड़ा और वर्षों तक जेल में रहा।

श्याम सुन्दर शर्मा

क्षेत्रीय विधायक एवं उ.प्र के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री श्याम सुन्दर शर्मा जो पिछले 25 वर्षों से झाड़ी मन्दिर का महोत्सव करा रहे हैं वह इस क्षेत्र से लगातार 8 बार विधायक चुने जा चुके हैं को वर्ष 2012 में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पौत्र जयंत चौधरी के हाथों विधान सभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। लेकिन इसे हनुमान जी की कृपा कहें या चमत्कार कि जयंत चौधरी ने चन्द दिनों बाद ही मांट विधान सभा क्षेत्र से इस्तीफा दे दिया और मात्र तीन महीने बाद ही श्याम सुन्दर शर्मा पुनः विधायक बनकर विधानसभा पहुंच गये। यही कारण है कि पिछले 25 वर्षों से श्री शर्मा लगातार 10 दिवसीय मेले को अपने खर्चे पर (जिसे श्री शर्मा हनुमान जी का बताते हैं) कराते हैं। श्री हनुमान जी की कलयुग में भी अगर वास्तविक रूपमें दिव्य एवं आलौकिक शक्यिां देखनी होतों श्री झाड़ी हनुमान मन्दिर पर देखी जा सकती है। जहां आस्तिक के साथ नास्तिक भी ‘संकट कटे मिटे सब पीड़ा, जो सुमिरें हनुमत बलवीरा’’ का जाप करते हुऐ बड़ी संख्या में शनिवार एवं मंगलवार को हजारों भक्त नजर आयेंगे।

श्री झाड़ी वाले हनुमान जी का मन्दिर विशाल क्षेत्रफल में है जिसे करीब दो दशक पूर्व सुदामा कुटी वृन्दावन से जोड़ा गया है के पहले महंत के रूप में रामकिशोर दास त्यागी महाराज ने मन्दिर प्रांगण को भव्य रूप देने की कोशिश की इसके बाद युवा संत रामरतन दास महाराज ने भी अपने संक्षिप्त समय में ही क्षेत्रीय भक्तों के सहयोग से श्री हनुमान के मन्दिर के जीणोद्धार कार्य 2 वर्ष पूर्व शुरू कराया था। जहां एक करोड़ से अधिक की राशि अब तक मन्दिर पर लग चुकी है वहीं स्थानीय सेठ हीरामणी अग्रवाल की स्मृति में उनके पुत्रों ने 10 लाख से अधिक की लागत से भव्यगेट का निर्माण कार्य जारी है। मन्दिर के महन्त श्री महाराज कहते हैं कि वह कुछ नहीं करा रहे हैं। यह सब हनुमान जी की कृपा से हो रहा है। उन्होंने कहा कि मन्दिर प्रांगण में भव्य गौशाला, पार्किंग, फुब्बारा के साथ-साथ विशाल हाॅस्पीटल, संस्कृत विद्यालय की स्थापना भक्तों के सहयोग से कराने का उदेश्य है। श्री महाराज कहते हैं कि देश-विदेश से आने वाले भक्तों के लिये महोत्सव के दौरान तथा अन्य दिनों में भी भोजन, ठहरने, की निःशुल्क व्यवस्था मन्दिर प्रांगण में रहती है।

फिल्मी सितारों से लेकर राजनैताओं ने भी किये हैं दर्शन

श्री झाड़ी हनुमान मन्दिर वैसे तो शासन-प्रशासन पर्यटन की दृष्टि से ओझल है लेकिन यहां देश-विदेश में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले विश्व विख्यात भागवता चार्य, ठा. कृष्णचन्द शास्त्री, ठा. देवकीनन्दन, मृदुल कृष्ण शास्त्री, राष्ट्रीय पदक विजेता

प्रस्तुति – मफतलाल अग्रवाल
सामाजिक कायकर्ता एवं वरिष्ट पत्रकार

रामकृष्ण वाचक, इन्दू भूषण महाराज, मणिराम दास बड़ी छावनी, छावनी के महन्त महेशदास महाराज, निम्बार्काचार्य महाराज स्थान, भानपुरा उज्जैन पीठ, गोवर्धन पीठ के शंकरा चार्य, बृज के प्रमुख सन्त श्री जी महाराज, अतुल कृष्ण शास्त्री, गौरव कृष्ण शास्त्री, पदम श्री रासाचार्य स्वामी, राम स्वरूप शर्मा, रासाचार्य हरिगोविन्द शर्मा, मणिराम दास छावनी अयोध्या के महन्त नृत्य गोपाल दास महाराज, सुदामा कुटी के महन्त सुदामा जी महाराज, उ॰प्र॰ के पूर्व वरिष्ट मंत्री रामवीर उपाध्याय, पूर्व केन्द्रीय मंत्री अजित सिंह, युवा रालोद नेता जयंत चौधरी, सांसद मानवेन्द्र सिंह, फिल्म अभिनेता राजबब्बर, फिल्म अभिनेत्री एवं सांसद हेमामालिनी सहित दर्जनों, आईएएस, आईपीएस अधिकारी, प्रसिद्ध भजन गायका रसिका पागल, वन्दना सिंह एण्ड पार्टी आदि के अलावा बड़ी संख्या में देश-विदेश से प्रमुख हस्तियों का आगमन हो चुका है। जिसका सिल-सिला आज भी जारी है।
नोट- इस लेख में कहीं भी काल्पनिक एवं मनगढ़त तत्थ्यों का उल्लेख नहीं किया गया है। बल्कि अप्रमाणित तथ्यों को हटा दिया गया है। जबकि अन्य कई सत्य घटनाओं का भी उल्लेख नहीं किया गया है।