NGT की केन्द्र-राज्यों को लताड़, हेलिकॉप्टर से ‘कृत्रिम’ बारिश हो तत्काल

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नई दिल्ली : राजधानी में स्मॉग के मुद्दे पर नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (NGT) ने चिंता जाहिर करते हुए दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है और पूछा है कि आखिर प्रदूषण कम करने के लिए हेलिकॉप्टर से आर्टिफिशल बारिश क्यों नहीं करवाई जा रही है? साथ ही केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों के रुख को ‘शर्मनाक’ बताते हुए समस्या के प्रति उनकी गंभीरता पर सवाल उठाए हैं। एनजीटी ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण सरकार की जिम्मेदारी है, ले‍किन लोगों से जीने का अधिकार छीना जा रहा है.तमाम संवैधानिक और कानूनी संस्थाएं बुरी तरह नाकाम रही है और प्रदूषण की चिंता सभी की एक साझा ज़िम्मेदारी है.

मामले से जुड़े सभी पक्षों को लताड़ते हुए एनजीटी ने कहा, ‘इस मामले से जुड़े सभी पक्षों के लिए यह शर्मनाक है कि वे इस समस्या को सिर्फ अगली पीढ़ी के लिए टालने में जुटे हैं।’ ट्राइब्यूनल ने कहा कि सभी संवैधानिक प्राधिकरण और कानूनी संस्थाएं अपना फर्ज निभाने में नाकाम रहे हैं। जहां तक प्रदूषण की बात है, यह सभी पक्षों की संयुक्त जिम्मेदारी है। एनजीटी ने दिल्ली सरकार, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन्स और पड़ोसी राज्यों को फटकार लगाते हुए कहा कि वे अस्पतालों में जाकर लोगों की दयनीय हालत देखें और समझें कि किस तरह उनकी जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है।

एनजीटी ने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों का पर रोक लगानी चाहिए। बता दें कि प्रदूषण इतना फैल गया है कि एक इंसान के शरीर के अंदर लगभग 23 सिगरेट का धुंआ जा रहा है। प्रदूषण का मुख्य कारण पराली जलाना और गाड़ियों से निकल रहे धुंएं को बताया जा रहा है।
एनजीटी ने इस दौरान संविधान का हवाला देते हुए कहा कि संविधान के आर्टिकल 21 और 48 में कहा गया है कि नागरिकों को साफ और स्वच्छ वातावरण देना सरकारों की जिम्मेदारी है। लोगों से उनके जीने का हक छीना जा रहा है। एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा कि प्रदूषण कम करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं, नियम तोड़ने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है और कितने कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम रोका गया है। ट्राइब्यूनल ने यह भी पूछा कि हेलिकॉप्टरों की मदद से दिल्ली में कृत्रिम बारिश क्यों नहीं करवाई जा रही है।

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार से हेलिकॉप्टर से बारिश कराए जाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था, लेकिन केंद्र से इसे मानने से इनकार कर दिया है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा और पंजाब के सीएम से मिलकर इस मुद्दे पर चर्चा करने की इच्छा जाहिर की थी, लेकिन दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अलग-अलग कारण बताते हुए मुलाकात करने से इनकार किया है।

एनजीटी ने निर्देश जारी किया कि 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को दिल्ली में प्रवेश न करने दिया जाए। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में कंस्ट्रक्शन का सामना लाने वाले ट्रकों को भी बैन करने का निर्देश जारी किया गया है। मामले पर अगली सुनवाई 14 नवंबर को होगी। एनजीटी ने सभी संबंधित प्राधिकरणों और पलूशन कंट्रोल बोर्ड से तब तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।

सीपीसीबी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली की हवा जहरीली है. पीएम 10 का स्तर जहां 100 होना चाहिए 986 को छू गया है और पीएम 2.5 का स्तर 60 होना चाहिए वो 420 पर है. ये हालत बीते एक हफ़्ते से बरकरार है. एनजीटी ने कहा कि ये शर्मनाक है कि हम अगली पीढ़ी को क्या दे रहे हैं.