बीरबल और हाथी में मुथभेड़

0
19

एक दिन बादशाह ने बीरबल की अक्ल की परीक्षा के निमित्त बीच गली में एक मस्ताने हाथी को छुड़वा दिया। एक तरफ से झूमता हुआ हाथी चला और दूसरी तरफ से बीरबल आ रहे थे।
मोड़ पर एकाएक बीरबल और हाथी की मुठभेड़ हो गई।
बीरबल के पास कोई शस्त्र नहीं था, हाथी के भय से सब बाजार भी बन्द थे और कहीं छिपने का स्थान भी नहीं था। हाथी बीरबल को देखकर आगे झपटा। बीरबल ने इधर-उधर देखा, लेकिन उन्हें कुछ भी दिखाई नहीं दिया। उनकी नजर कौने में बैठी एक कुतिया पर पड़ी। बीरबल ने झट से उसकी दोनों पिछली टांगे पकड़ीं और घुमाकर उसे हाथी की सूंड पर दे मारा।
चोट खाकर कुतिया के जोर-जोर से चिल्लाने, छटपटाने से हाथी की सूंड कुतिया के नाखूनों से खुरच गई और वह घबराकर पीछे लौट गया। इधर बीरबल भी अवसर पाकर अपनी जान बचाकर भागे।
बादशाह अपने महल की खिड़की से य तमाशा देख रहे थे। उनको बीरबल के औसान पर बड़ा संतोष हुआ।