बादशाह अकबर के चार सवाल

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एक दिन अकबर बादशाह ने फरमाइश की कि उन्हें चार चीजें बताओ।
1. जो यहां हो, वहां नहीं।
2. जो वहां तो हो, यहां नहीं।
3. जो यहां भी नहीं, वहां भी नहीं।
4. जो वहां और यहां दोनों जगह हो।
बीरबल ने दो दिन की मोहलत मांगते हुए कहा-‘‘जहांपनाह! दो दिन में आपके सामने चारों को हाजिर कर दूंगा।’’
दो दिन के बाद बीरबल ने एक वेश्या, एक साधु, एक भिखारी और एक दानवीर सेठ को अकबर बादशाह के सामने लाकर खड़ा कर दिया।
अकबर बादशाह ने भरे दरबार में रहस्य पूछा तो बीरबल ने बताया-‘‘यह वेश्या है जो यहां तो सुखी और सम्पन्न है, सारे दुख इसके कदमों में बिछे हैं, परन्तु वह पाप करती है। अतः यहां तो यह है, इसकी जगह वहां स्वर्ग में नहीं होगी। दूसरे ये हैं साधु, जहो यहां कष्ट भोग रहे हैं। परन्तु पुण्य और तप करते हैं, ये यहां सुखी नहीं हैं। इनकी जगह वहां स्वर्ग में जरूर होगी। तीसरा यह है भिखारी। यह यहां भी सुखी नहीं है और अच्छे कर्म न करने के कारण यह वहां भी सुखी नहीं होगा। चैथे ये दानवीर सेठ हैं। ये यहां दान-पुण्य करते हैं। इनकी जगह वहां भी और यहां भी दोनों जगह है।’’
अकबर बादशाह की फरमाइश पूरी हो गई। उनकी समझ में सब आ गया तथा उन्होंने बीरबल की बुद्धि की प्रशंसा की और उन्हें बहुत-सा इनाम दिया।