परिवार सहित मजदूर ने किया आत्मदाह: सीएम-डीएम को जिम्मेदार ठहराने पर काटूर्निस्ट गिरफ्तार

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चेन्नै : देश में गरीबों – पीड़ितों की आवाज उठाना या उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास करना अब लोकतंत्र में अपराध बन गया है। इसी तरह का एक मामला तमिलनाडु में सामने आया है जहां कर्ज से त्रस्त मजदूर ने अपनी पत्नी, बच्चों सहित कलैक्टर के यहां पर आत्मदहा कर लिया। जिसके लिए मुख्यमंत्री, कलैक्टर को जिम्मेदार मानते हुए कार्टून बनाना एक कार्टूनिस्ट के लिए महंगा साबित हुआ जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसे लेकर पूरे देश में आक्रोश दिखाई दे रहा है।

तमिलनाडु पुलिस ने रविवार को फ्रीलांस कार्टूनिस्ट जी बाला को चेन्नै में गिरफ्तार कर लिया है। उन पर तिरुनेलवेली में एक परिवार के आत्मदाह की कोशिश के मामले में कथित तौर पर राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कार्टून बनाने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तिरुनेलवेली के कलेक्टर ने जिले की क्राइम ब्रांच में कार्टून के संबंध में एक शिकायत दर्ज कराई है।

मजदूर के परिवार ने किया था आत्मदाह
दरअसल, तिरुनेलवेली में एक मजदूर पी इसाकिमुथु ने अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ कलेक्टर दफ्तर के बाहर आत्मदाह कर लिया था। इस घटना में उनकी पत्नी सुब्बुलक्ष्मी, 4 साल की बेटी और 18 महीने के बेटे की मौत हो गई थी। वह खुद 75 फीसदी तक झुलस गए थे। इसाकिमुथु ने मुथुलक्ष्मी नाम के एक साहूकार से 1.45 लाख रुपये का कर्ज लिया था। उन्होंने ब्याज समेत 2 लाख से ज्यादा की रकम लौटा दी थी। लेकिन साहूकार उनसे 2 लाख रुपये की और मांग करते हुए लगातार परेशान कर रहा था।

इसाकिमुथु के भाई गोपी के मुताबिक कर्ज के कुचक्र से छुटकारा पाने के लिए उन्होंने 6 बार जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर दफ्तर में गुहार लगाई। कलेक्टर दफ्तर के निर्देश के बावजूद पुलिस ने साहूकार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। गोपी का कहना है, ‘एसपी ने मेरे भाई को हठी बकाएदार बताते हुए तथ्यों को दबाने की कोशिश की।’

गोपी ने मीडिया को बताया कि पुलिस में शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने साहूकार को ज्यादती करने से नहीं रोका, उल्टे इसाकिमुथु के परिवार पर पैसा लौटाने का दबाव बनाने लगी। आखिरकार उन्हें आत्मदाह का कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।