निर्भया की माँ ने राहुल का किया शुक्रिया अदा, कहा- आपकी वजह से पायलट बन पाया मेरा बेटा

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नई द‍िल्‍ली : पांच साल पहले 16 दिसंबर 2012 को सामुहिक बलात्‍कार के बाद निर्भया ने 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्‍पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था. तब से निर्भया का पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ था, लेकिन अब उनके घर में भी खुश‍ियों ने दस्‍तक दी है. दरअसल, निर्भया का भाई अब आसमान छूने को पूरी तरह तैयार है. वह पेशेवर पायलट बन गया है और उसके सपने को पूरा करने में जिस शख्‍स ने मदद की है वह और कोई नहीं बल्‍कि कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी हैं.

निर्भया की मां आशा देवी ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए गए इंटरव्यू में बताया कि निर्भया के जाने के बाद हम सब टूट गए थे। सब बिखर गया था। कई लोगों ने हमारी सहायता की। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी मदद का हाथ बढ़ाया था। राहुल गांधी ने न सिर्फ पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्चा उठाया बल्‍कि वो लगातार उनके संपर्क में भी रहे. वे उनके बेटे को फोन कर सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करते रहे और ये समझाते रहे कि आसानी से हार नहीं माननी हैं. आज उनकी बदौलत ही मेरा बेटा पायलट है।

निर्भया की मां ने बताया कि राहुल गांधी ने मेरे बेटे के कॉलेज की पूरी पढ़ाई की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली। इतना ही नहीं राहुल समय-समय पर फोन कर बेटे का आत्मविश्वास भी बढ़ाते थे। उन्होंने बताया कि उस केस के बाद हम पर जैसे पहाड़ टूट पड़ा था, लगता था कि जैसे जिंदगी खत्म हो गई। लेकिन सुनील अपने लक्ष्य से भटका नहीं। इतने मुश्किल हालातों में भी खुद पर भरोसा रखा और 12वीं की पढ़ाई जारी रखी।

निर्भया की मां के अनुसार जब राहुल गांधी को पता लगा कि वह आर्मी ज्वाइन करना चाहता है, तो राहुल ने ही उसे सलाह दी कि वह स्कूल खत्म होने के बाद पायलट की ट्रेनिंग करे। 2013 में सीबीएसई की परीक्षा देने के बाद सुनील ने रायबरेली की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान एकेडमी में प्रवेश लिया। उसके रहने, खाने और पढ़ने का सारा खर्चा राहुल गांधी ने उठाया।

निर्भया की मां ने बताया कि सुनील की पढ़ाई खत्म हो गई है। अब गुरुग्राम में उसकी ट्रेनिंग चल रही है। वह जल्द ही विमान उड़ाएगा। निर्भया की मां ने बताया कि राहुल के अलावा प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी कई बार फोन कर परिवार का हालचाल पूछा। निर्भया का सबसे छोटा भाई इस वक्त पुणे में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। वहीं उसके पिता दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल टी-3 पर तैनात हैं।

निर्भया गैंगरेप मामले में बुधवार को ही दिल्ली महिला आयोग ने तिहाड़ जेल प्रशासन के साथ ही दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी को नोटिस जारी करते हुए आरोपियों को फांसी में हो रही देरी पर सवाल उठाए। इस मामले में निर्भया की मां आशा देवी ने दिल्ली महिला आयोग को शिकायत की थी कि सुप्रीम कोर्ट से पांच महीने पहले फांसी की सजा का ऐलान होने के बाद भी अब तक गैंगरेप के गुनहगारों को फांसी क्यों नहीं दी गई है।

गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2012 की रात निर्भया के साथ एक चलती बस में गैंगरेप हुआ था. उसके साथ 6 लोगों ने ऐसी हैवानियत की कि 29 दिसम्बर को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी. उस वक्‍त निर्भया का भाई 12वीं में पढ़ रहा था. साल 2013 में उसने राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली स्‍थित इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय उड़ान एकेडमी में एडमिशन ले लिया था. निर्भया का सबसे छोटा भाई पुणे से इंजीनियरिंग कर रहा है.